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साइलेंट किलर: नैनोप्लास्टिक हमारे शरीर में क्या कर रहा है?

नैनोप्लास्टिक (Nanoplastics) वो बेहद छोटे प्लास्टिक कण हैं जो 1 माइक्रोमीटर से भी कम आकार के होते हैं – यानी मानव बाल की मोटाई से 100 गुना पतले! ये प्लास्टिक प्रदूषण का सबसे खतरनाक रूप हैं क्योंकि ये हवा, पानी, खाने और यहां तक कि सिंगल-यूज प्लास्टिक बोतलों से निकलकर हमारे शरीर में घुस जाते हैं। वैज्ञानिक इन्हें "साइलेंट किलर" कह रहे हैं क्योंकि ये बिना किसी तत्काल लक्षण के शरीर में जमा होकर लंबे समय में गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं।

2025-2026 के नवीनतम अध्ययनों से पता चला है कि नैनोप्लास्टिक हमारे खून, दिमाग, प्लेसेंटा, लीवर, किडनी और दिल में मौजूद हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि सामान्य इंसान के दिमाग में प्लास्टिक की मात्रा एक प्लास्टिक चम्मच के बराबर है – और 2016 से 2024 तक ये मात्रा 50% बढ़ गई है!

नैनोप्लास्टिक शरीर में कैसे पहुंचते हैं?

ये कण खाने-पीने (बोतलबंद पानी, समुद्री भोजन, नमक), सांस लेने और त्वचा के जरिए शरीर में घुसते हैं। एक अनुमान के अनुसार, हम हर हफ्ते एक क्रेडिट कार्ड जितना प्लास्टिक निगल लेते हैं।

शरीर में क्या प्रभाव डाल रहे हैं? मुख्य जोखिम

  1. दिल और रक्त वाहिकाओं पर खतरा
    2024 के NEJM अध्ययन में पाया गया कि धमनियों में मौजूद नैनोप्लास्टिक वाले मरीजों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या मौत का खतरा 4.5 गुना ज्यादा था। ये कण सूजन पैदा करते हैं, प्लाक को अस्थिर बनाते हैं और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।
  2. दिमाग पर असर – न्यूरोलॉजिकल खतरा
    नैनोप्लास्टिक ब्लड-ब्रेन बैरियर पार करके दिमाग में पहुंच जाते हैं। 2025 के अध्ययनों में पाया गया कि डिमेंशिया या अल्जाइमर वाले मरीजों के दिमाग में प्लास्टिक की मात्रा 10 गुना ज्यादा थी। ये ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, सूजन, न्यूरोइंफ्लेमेशन और न्यूरोट्रांसमीटर में बदलाव पैदा करते हैं, जिससे याददाश्त कमजोर होना, व्यवहार में बदलाव और न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियां हो सकती हैं।
  3. प्रजनन और भ्रूण पर प्रभाव
    प्लेसेंटा में मौजूद होने से गर्भ में बच्चे तक पहुंच जाते हैं। ये हार्मोन डिसरप्ट करते हैं, जिससे बांझपन, समय से पहले जन्म और विकास संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  4. अन्य प्रभाव
    लीवर, किडनी, फेफड़ों में जमा होकर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, क्रॉनिक इंफ्लेमेशन, डीएनए डैमेज, कैंसर का खतरा और इम्यून सिस्टम को कमजोर करते हैं।

नैनोप्लास्टिक कैसे दिखते हैं? (माइक्रोस्कोपिक व्यू)

ये छोटे-छोटे अनियमित कण कोशिकाओं में घुस जाते हैं। नीचे कुछ माइक्रोस्कोपिक इमेज हैं जो नैनोप्लास्टिक कणों को मानव कोशिकाओं या ऊतकों में दिखाती हैं:

ये इमेज दिखाती हैं कि नैनोप्लास्टिक कैसे कोशिकाओं में जमा होकर सूजन और क्षति पैदा करते हैं।

निष्कर्ष और क्या करें?

नैनोप्लास्टिक अब "साइलेंट किलर" बन चुके हैं – कोई तत्काल दर्द नहीं, लेकिन लंबे समय में दिल, दिमाग और पूरी सेहत को नुकसान। अभी पूर्ण कारण-प्रभाव साबित नहीं हुआ है, लेकिन सबूत बढ़ते जा रहे हैं।

समाधान: प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें, सिंगल-यूज बोतलें अवॉइड करें, फिल्टर्ड पानी पिएं, और प्लास्टिक प्रदूषण रोकने की मांग करें। हमारी सेहत और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य दांव पर है!

स्रोत: Nature Medicine 2025, NEJM 2024, Frontiers in Public Health 2025, Stanford Medicine, UNM अध्ययन, WWF और हालिया 2025-2026 रिसर्च रिपोर्ट्स।