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जब अफ्रीका के खुले सवाना के ऊपर कोई पक्षी पंखों को हल्का झुलाते हुए मानो हवा में खेलता हुआ उड़ता दिखे— तो समझ जाइए, वह Bateleur Eagle है।
यह ईगल सिर्फ उड़ता नहीं… यह आसमान में प्रदर्शन करता है।
Bateleur Eagle (Terathopius ecaudatus) अफ्रीका का एक medium-sized लेकिन बेहद striking शिकारी पक्षी है।
“Bateleur” शब्द फ्रेंच भाषा से आया है, जिसका अर्थ है—रस्सी पर करतब दिखाने वाला कलाकार।
और इसका नाम इसकी उड़ान शैली को पूरी तरह बयान करता है।
इसकी छोटी पूँछ और लंबे पंख इसे हवा में लगातार झूलती, डोलती उड़ान देते हैं।
Bateleur Eagle को दुनिया के सबसे रंगीन ईगल्स में गिना जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि इसका लाल रंग इसके स्वास्थ्य का संकेत माना जाता है— बीमार होने पर रंग फीका पड़ जाता है।
Bateleur Eagle सिर्फ शिकार नहीं करता, यह प्रकृति का scavenger भी है।
यह खाता है:
मरे हुए जानवर खाकर यह बीमारियों के फैलाव को रोकता है।
Bateleur Eagle घंटों तक खुले मैदान के ऊपर उड़ता रहता है।
इसकी आँखें इतनी तेज़ होती हैं कि कई किलोमीटर दूर पड़े शव या हलचल को पहचान लेता है।
कई बार यह आग की लपटों के पास उड़ता देखा गया है, क्योंकि आग के बाद शिकार बाहर निकल आता है।
Bateleur Eagle जीवनभर एक ही साथी के साथ रहता है।
इसका breeding rate बेहद धीमा है, जिससे इसकी population जल्दी recover नहीं कर पाती।
IUCN के अनुसार, Bateleur Eagle आज Near Threatened श्रेणी में है।
मुख्य खतरे:
अफ्रीका के कई हिस्सों में इसकी संख्या पिछले 30 वर्षों में 30–40% तक घट चुकी है।
कुछ अफ्रीकी जनजातियों में Bateleur Eagle शक्ति और दूरदृष्टि का प्रतीक माना जाता है।
वहीं कुछ स्थानों पर अंधविश्वास के कारण इसे नुकसान भी पहुँचाया जाता है।
Bateleur Eagle का गिरता अस्तित्व हमें यह याद दिलाता है कि जब शीर्ष शिकारी संकट में होते हैं, तो पूरा ecosystem असंतुलित हो जाता है।
यह सिर्फ एक पक्षी नहीं— यह अफ्रीका के आसमान का संतुलन है।
जब तक Bateleur Eagle झूलते हुए उड़ता रहेगा, तब तक सवाना जीवित रहेगा।