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सोचिए… एक ऐसा पक्षी जहाँ अपने ही घोंसले में जन्म लेने वाले दो बच्चों में से अक्सर सिर्फ एक ही बड़ा हो पाता है। यह Nazca Booby की कठोर लेकिन प्रभावी रणनीति है

गैलापागोस द्वीपों और पश्चिमी दक्षिण अमेरिका के तटों पर रहने वाला Nazca Booby (Sula granti) एक सुंदर सफेद समुद्री पक्षी है, लेकिन उसके घोंसले में होने वाली घटना काफी कठोर है। यह पक्षी लगभग हमेशा दो अंडे देता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में सिर्फ एक चूज़ा ही बड़ा हो पाता है। दूसरा चूज़ा जन्म के कुछ ही दिनों में मर जाता है—और यह मौत अक्सर उसके अपने बड़े भाई-बहन के हाथों होती है। इसे विज्ञान में "siblicide" या "भ्रातृहत्या" कहते हैं।

Nazca Booby में siblicide कैसे होता है?

मादा दो अंडे देती है, लेकिन आमतौर पर दूसरा अंडा पहले से 4-7 दिन बाद देती है। नतीजा:

  • पहला चूज़ा पहले निकलता है और पहले भोजन पाता है।
  • जब दूसरा चूज़ा निकलता है, तो वह छोटा और कमजोर होता है।
  • बड़ा चूज़ा छोटे को चोंच से मारता है, धकेलता है या घोंसले के किनारे पर ले जाकर गिरा देता है।
  • छोटा चूज़ा भूखा रह जाता है या ठंड से मर जाता है।

यह व्यवहार "facultative siblicide" है—यानी यह हमेशा नहीं होता, लेकिन संसाधनों की कमी होने पर लगभग 90% मामलों में हो जाता है। अगर भोजन बहुत ज्यादा हो, तो कभी-कभी दोनों चूज़े बच भी जाते हैं।

क्यों होता है यह कठोर व्यवहार?

समुद्र में भोजन (मछलियां, स्क्विड) हमेशा पर्याप्त नहीं होता। माता-पिता दोनों बच्चों को बराबर भोजन नहीं दे पाते। प्रकृति ने एक कठोर लेकिन प्रभावी व्यवस्था बना दी:

  • बड़ा चूज़ा ज्यादा मजबूत होता है, इसलिए जीवित रहने की संभावना ज्यादा।
  • अगर दोनों को बराबर खिलाया जाए, तो दोनों कमजोर रह सकते हैं और दोनों मर सकते हैं।
  • siblicide से कम से कम एक मजबूत चूज़ा बड़ा हो जाता है।

यह "insurence egg" सिद्धांत है—पहला अंडा मुख्य होता है, दूसरा "बीमा" के तौर पर। अगर पहला चूज़ा मर जाए, तो दूसरा बच सकता है।

अन्य पक्षियों में भी siblicide

यह व्यवहार सिर्फ Nazca Booby तक सीमित नहीं:

  • Blue-footed Booby: भी siblicide करता है, लेकिन यहाँ बड़ा चूज़ा छोटे को धीरे-धीरे भूखा रखकर मारता है।
  • Golden Eagle, Bald Eagle: अक्सर बड़ा चूज़ा छोटे को मार देता है।
  • Black Eagle: भारत में भी "Cainism" कहलाता है—पहला चूज़ा दूसरे को मार देता है।
  • Cattle Egret: कई बार तीन में से दो चूज़े siblicide से मर जाते हैं।

यह भावनाओं से नहीं, संसाधनों की गणना से होता है

पक्षी "नफरत" या "ईर्ष्या" महसूस नहीं करते। यह पूरी तरह जैविक और विकासवादी रणनीति है। माता-पिता कभी हस्तक्षेप नहीं करते—क्योंकि बड़ा चूज़ा ज्यादा संभावना से जीवित रहेगा और जीन आगे बढ़ाएगा।

निष्कर्ष

Nazca Booby की कहानी कठोर लग सकती है, लेकिन यह जीवन की सच्चाई है। खुले समुद्र में संसाधन सीमित हैं, और प्रकृति ने एक ऐसी व्यवस्था बना दी है जहाँ सबसे मजबूत ही आगे बढ़ता है। यह नफरत नहीं, बल्कि जीवित रहने की रणनीति है। प्रकृति में जीवन अक्सर भावनाओं से नहीं, संतुलन और संसाधनों की गणना से संचालित होता है। और कभी-कभी, अस्तित्व की दौड़ में सबसे मजबूत ही आगे निकल पाता है।

स्रोत: Behavioral Ecology, Journal of Avian Biology, Cornell Lab of Ornithology, Galápagos Conservancy, और हालिया 2025-2026 booby siblicide अध्ययन।