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दिन में दिखाई न देने वाला,
और रात में अचानक हवा में उभर आने वाला—
Nightjar उन पक्षियों में से है
जिन्हें देखा कम, महसूस ज़्यादा किया जाता है।
इसकी उड़ान की खामोशी और आँखों की चमक
इसे लोककथाओं में “भूत पक्षी” बना देती है।
Nightjar, Caprimulgidae परिवार का पक्षी है
जो मुख्य रूप से रात में सक्रिय (Nocturnal) होता है।
भारत में इसे कई नामों से जाना जाता है—
चकवा, चकौर जैसा पक्षी, या रात का शिकारी।
इसका रंग सूखी पत्तियों और पेड़ की छाल जैसा होता है,
जिससे यह ज़मीन पर बैठकर पूरी तरह गायब लग सकता है।
दिन में यह ज़मीन पर, सूखी पत्तियों के बीच या पेड़ की शाखा पर ऐसे बैठता है कि इंसानी आँखें भी धोखा खा जाएँ।
कैमोफ्लाज में माहिर भारतीय नाइटजार
Source: Roundglass Sustain
ज़मीन पर छिपा नाइटजार
Source: African Cuckoos
भारतीय नाइटजार (Caprimulgus asiaticus)
Source: Wikipedia
Nightjar का भोजन मुख्य रूप से कीड़े होते हैं: मच्छर, पतंगे, भृंग आदि। एक नाइटजार एक रात में हज़ारों कीट खा सकता है—जिससे यह किसानों और इंसानों का प्राकृतिक रक्षक बन जाता है।
इसके पंख ऐसे बने होते हैं कि उड़ते समय लगभग कोई आवाज़ नहीं होती। यह कीटों के पास अचानक प्रकट होता है और खुले मुँह से उन्हें हवा में ही पकड़ लेता है।
रात में उड़ान भरता नाइटजार
Source: World Bird Photos
खामोश उड़ान
Source: Discover Wildlife
रात में चमकती आँखें (Eyeshine)
Source: Bird Ecology Study Group
Nightjar घोंसला नहीं बनाता। यह सीधे खुली ज़मीन पर या पत्तियों के बीच 2 अंडे देता है। अंडों का रंग भी ज़मीन जैसा होता है।
ज़मीन पर नाइटजार के अंडे
Source: Alamy
Nightjar न तो सुंदर पंखों से ध्यान खींचता है,
न ही दिन में दिखता है।
लेकिन रात के अंधेरे में यह प्रकृति का संतुलन बनाए रखता है।
जब अगली बार रात में अचानक कोई अजीब सी आवाज़ सुनाई दे—
डरिए मत।
हो सकता है, वहाँ कहीं Nightjar आपके आसपास की हवा को कीटों से साफ़ कर रहा हो।