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Nightjar – रात के आसमान का भूतिया पक्षी

दिन में दिखाई न देने वाला,
और रात में अचानक हवा में उभर आने वाला—
Nightjar उन पक्षियों में से है
जिन्हें देखा कम, महसूस ज़्यादा किया जाता है।

इसकी उड़ान की खामोशी और आँखों की चमक
इसे लोककथाओं में “भूत पक्षी” बना देती है।

Nightjar कौन है?

Nightjar, Caprimulgidae परिवार का पक्षी है
जो मुख्य रूप से रात में सक्रिय (Nocturnal) होता है।

भारत में इसे कई नामों से जाना जाता है—
चकवा, चकौर जैसा पक्षी, या रात का शिकारी।

शरीर रचना और तथ्य

  • लंबाई: 23–28 सेमी
  • विंगस्पैन: 50–65 सेमी
  • वज़न: लगभग 60–100 ग्राम
  • आँखें: बेहद बड़ी और रोशनी में चमकने वाली

इसका रंग सूखी पत्तियों और पेड़ की छाल जैसा होता है,
जिससे यह ज़मीन पर बैठकर पूरी तरह गायब लग सकता है।

Camouflage का मास्टर

दिन में यह ज़मीन पर, सूखी पत्तियों के बीच या पेड़ की शाखा पर ऐसे बैठता है कि इंसानी आँखें भी धोखा खा जाएँ।

रात का कीट शिकारी

Nightjar का भोजन मुख्य रूप से कीड़े होते हैं: मच्छर, पतंगे, भृंग आदि। एक नाइटजार एक रात में हज़ारों कीट खा सकता है—जिससे यह किसानों और इंसानों का प्राकृतिक रक्षक बन जाता है।

बिना आवाज़ की उड़ान

इसके पंख ऐसे बने होते हैं कि उड़ते समय लगभग कोई आवाज़ नहीं होती। यह कीटों के पास अचानक प्रकट होता है और खुले मुँह से उन्हें हवा में ही पकड़ लेता है।

चमकती आँखें

घोंसला नहीं, ज़मीन ही घर

Nightjar घोंसला नहीं बनाता। यह सीधे खुली ज़मीन पर या पत्तियों के बीच 2 अंडे देता है। अंडों का रंग भी ज़मीन जैसा होता है।

एक खामोश रक्षक

Nightjar न तो सुंदर पंखों से ध्यान खींचता है,
न ही दिन में दिखता है।
लेकिन रात के अंधेरे में यह प्रकृति का संतुलन बनाए रखता है।

जब अगली बार रात में अचानक कोई अजीब सी आवाज़ सुनाई दे—
डरिए मत।
हो सकता है, वहाँ कहीं Nightjar आपके आसपास की हवा को कीटों से साफ़ कर रहा हो।