विकास और न्याय एक मंच पर : चंदौली

जनपद के इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और न्याय के ध्वजवाहक भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने एक ही मंच पर उपस्थित होकर एकीकृत न्यायालय परिसर का विधि-विधान से भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरा जनपद ‘न्याय के नए अध्याय’ का गवाह बना।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रखी गई नींव

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच हुआ। मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से शिलापट्ट का अनावरण कर एकीकृत कोर्ट कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। इस दौरान उपस्थित जनसमूह और अधिवक्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।

एक ही छत के नीचे मिलेगा सुलभ न्याय

संबोधन के दौरान यह रेखांकित किया गया कि इस एकीकृत परिसर के निर्माण से वादकारियों (मुकदमा लड़ने वालों) और अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब अलग-अलग अदालतों के चक्कर काटने के बजाय सभी न्यायिक प्रक्रियाएं एक ही छत के नीचे संपन्न होंगी। यह परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं, डिजिटल लाइब्रेरी और वकीलों के लिए सर्वसुविधायुक्त चैम्बर्स से लैस होगा।

न्याय और विकास का अद्भुत संगम

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि जब शासन (कार्यपालिका) और न्यायपालिका मिलकर इस तरह के बुनियादी ढांचे पर काम करते हैं, तो उसका सीधा लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मिलता है। मुख्यमंत्री ने इसे जनपद के लिए ‘सुशासन का उपहार’ बताया, वहीं मुख्य न्यायाधीश ने इसे न्यायिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया।