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भारत की पर्वत श्रृंखलाओं में अवैध खनन, डेफोरेस्टेशन और पहाड़ तोड़ने की समस्याएं (2024-2025)

अरावली रेंज की तरह अन्य पर्वत श्रृंखलाओं में भी खनिज संसाधनों (कोल, आयरन ओर, बॉक्साइट, लाइमस्टोन आदि) के कारण अवैध/लीगल खनन से बड़े पैमाने पर पर्यावरण क्षति हो रही है। नीचे प्रत्येक रेंज के प्रमुख फैक्ट्स, स्रोत और विज़ुअल दिए गए हैं।

अरावली में अवैध माइनिंग से क्षतिग्रस्त पहाड़ियां
अरावली में अवैध माइनिंग का प्रभाव (स्रोत: Mongabay India)

1. वेस्टर्न घाट्स (Western Ghats)

  • अवैध और लीगल माइनिंग (आयरन ओर, बॉक्साइट, क्वारिंग) से बड़े पैमाने पर डेफोरेस्टेशन और हिल डिस्ट्रक्शन। रिवर सैंड माइनिंग बैन के बाद स्टोन क्वारिंग बढ़ी।
    स्रोत: Mongabay India (2025); Mongabay (2025)
  • 2024 के वायनाड लैंडस्लाइड को डेफोरेस्टेशन और अनचेकेड कंस्ट्रक्शन/माइनिंग से जोड़ा गया।
    स्रोत: Mongabay India
  • गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र में माइनिंग हॉटस्पॉट; इललीगल लॉगिंग और क्वारिंग जारी।
    स्रोत: News18 (2025)
  • इको-सेंसिटिव जोन में भी प्रेशर, पुरानी माइंस का रेस्टोरेशन नहीं हो रहा।
    स्रोत: Indian Express (2024)
हिमालय क्षेत्र में माइनिंग और डेफोरेस्टेशन से लैंडस्लाइड
पर्वतीय क्षेत्रों में माइनिंग से बढ़ते लैंडस्लाइड का खतरा

2. विंध्य रेंज (Vindhya Range)

  • मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में अवैध सैंडस्टोन, ग्रेनाइट और सैंड माइनिंग।
    स्रोत: विभिन्न रिपोर्ट्स (ऑनगोइंग इश्यू)
  • बुंदेलखंड क्षेत्र में स्टोन माफिया सक्रिय; पहाड़ियां समतल हो रही हैं।
    स्रोत: मीडिया रिपोर्ट्स
  • डेफोरेस्टेशन और हैबिटेट लॉस से वन्यजीव प्रभावित।
    स्रोत: वन्यजीव रिपोर्ट्स

3. सतपुड़ा रेंज (Satpura Range)

  • मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में कोल और अन्य माइनिंग से फॉरेस्ट लॉस।
    स्रोत: Mongabay रिपोर्ट्स
  • टाइगर कॉरिडोर प्रभावित; इललीगल माइनिंग और हैबिटेट डिस्ट्रक्शन।
    स्रोत: NTCA रिपोर्ट्स
  • सतपुड़ा नेशनल पार्क के आसपास प्रेशर।
    स्रोत: Sanctuary Asia

4. ईस्टर्न घाट्स (Eastern Ghats)

  • आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बॉक्साइट माइनिंग प्रमुख समस्या; आदिवासी इलाकों में पहाड़ तोड़े जा रहे, ट्राइबल विरोध जारी।
    स्रोत: The Hindu (2025); IndiaSpend (2025)
  • ग्रेनाइट और अन्य स्टोन माइनिंग से इललीगल एक्टिविटी; कई पहाड़ गायब हो चुके।
    स्रोत: DownToEarth रिपोर्ट्स
  • ट्राइबल विरोध के बावजूद प्रोजेक्ट्स पर विवाद।
    स्रोत: Amnesty और मीडिया रिपोर्ट्स

5. हिमालय रेंज (Himalayan Ranges)

  • उत्तराखंड, हिमाचल आदि में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, रोड कंस्ट्रक्शन और इललीगल माइनिंग से माउंटेन डिस्ट्रक्शन।
    स्रोत: विभिन्न पर्यावरण रिपोर्ट्स
  • डेफोरेस्टेशन से लैंडस्लाइड बढ़े; चार धाम प्रोजेक्ट जैसे इंफ्रा से इकोसिस्टम प्रभावित।
    स्रोत: India Today
  • रिवर बेड माइनिंग से नदियां और पहाड़ियां क्षतिग्रस्त।
    स्रोत: CAG रिपोर्ट्स
हसदेव अरण्य में कोल माइनिंग से फॉरेस्ट क्लियरिंग
हसदेव अरण्य में कोल माइनिंग का प्रभाव (स्रोत: Sanctuary Nature Foundation)

अन्य उल्लेखनीय जगहें

  • राजमहल हिल्स (झारखंड): स्टोन चिप्स माइनिंग से कई पहाड़ गायब; इललीगल एक्टिविटी हाई।
    स्रोत: मीडिया रिपोर्ट्स
  • हसदेव अरण्य (छत्तीसगढ़): कोल माइनिंग से बड़े फॉरेस्ट एरिया क्लियर; एलीफेंट कॉरिडोर प्रभावित, 2025 में नए क्लियरेंस।
    स्रोत: DownToEarth (2025); The Hindu (2025)

सामान्य निष्कर्ष

अरावली में 2025 सुप्रीम कोर्ट की नई डेफिनिशन (100 मीटर ऊंचाई आधारित) से विवाद; सरकार का दावा 90%+ क्षेत्र संरक्षित, लेकिन पर्यावरणविदों की चिंता माइनिंग बढ़ने की। अन्य रेंज में भी कोर्ट केस, NGT ऑर्डर और लोकल विरोध चल रहे हैं। माइनिंग से मरुस्थलीकरण, लैंडस्लाइड, पानी की कमी और बायोडायवर्सिटी लॉस हो रहा है।

स्रोत: The Hindu (2025); विभिन्न 2024-2025 रिपोर्ट्स

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अंतिम अपडेट: दिसंबर 2025