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सोचिए… एक ऐसा जानवर जो ठंड से बचने के लिए भागता नहीं, बल्कि जानबूझकर अपने शरीर का तापमान लगभग जमा देता है! यह Arctic Ground Squirrel की अनोखी रणनीति है

आर्कटिक के बर्फीले मैदानों और टुंड्रा में, जहाँ सर्दियाँ 8-9 महीने तक चलती हैं और तापमान -30°C से -50°C तक गिर जाता है, वहाँ एक छोटा-सा स्तनधारी जीवित रहता है—Arctic Ground Squirrel (Urocitellus parryii)। यह स्क्विरल ठंड से भागता नहीं—बल्कि जानबूझकर अपने शरीर को "फ्रीज़" जैसी अवस्था में डाल देता है। इसकी यह क्षमता इतनी अद्भुत है कि वैज्ञानिक इसे स्तनधारियों में सबसे गहरी और ठंडी हाइबरनेशन मानते हैं।

गहरी हाइबरनेशन (Torpor) – शरीर का "पावर सेव मोड"

सर्दियों में यह स्क्विरल अपने बिल में छिप जाता है और महीनों तक गहरी नींद जैसी अवस्था में चला जाता है। इस दौरान:

  • शरीर का तापमान -2°C से -3°C तक गिर जाता है—यह सभी स्तनधारियों में सबसे कम रिकॉर्डेड तापमान है।
  • दिल की धड़कन 300-400 बीट्स/मिनट से घटकर सिर्फ 3-5 बीट्स/मिनट रह जाती है।
  • सांस लेने की गति 100-200 से घटकर 4-6 सांस/मिनट हो जाती है।
  • मेटाबॉलिज्म 90-95% तक कम हो जाता है—ऊर्जा की बचत के लिए।

कोशिकाएँ कैसे जमने से बचती हैं?

सामान्यतः इतने कम तापमान पर कोशिकाएँ जम जाती हैं और मर जाती हैं, लेकिन Arctic Ground Squirrel में:

  • कोशिकाओं में ग्लूकोज और यूरिया का स्तर बढ़ जाता है—जो प्राकृतिक एंटी-फ्रीज़ की तरह काम करता है।
  • यह "supercooling" करता है—पानी जमने के बजाय तरल रहता है।
  • प्रोटीन और एंजाइम्स ठंड में भी सक्रिय रहते हैं।

यह प्रक्रिया इतनी सटीक है कि वैज्ञानिक इसे मानव अंग ट्रांसप्लांट और हाइपोथर्मिक सर्जरी में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

हर 2-3 हफ्ते में "आराम" – Periodic Arousal

यह महीनों तक एक ही अवस्था में नहीं रहता। हर 2-3 हफ्ते में यह 12-24 घंटे के लिए जागता है:

  • शरीर को फिर से 36-38°C तक गर्म करता है।
  • थोड़ा सा भोजन या पानी लेता है (अगर उपलब्ध हो)।
  • शरीर की सफाई करता है और मेटाबॉलिज्म रीसेट करता है।
  • फिर वापस गहरी हाइबरनेशन में चला जाता है।

यह "periodic arousal" ऊर्जा बचाने के साथ-साथ शरीर को ठीक रखने के लिए जरूरी है।

जीवन चक्र और संरक्षण

Arctic Ground Squirrel सर्दियों में 7-8 महीने हाइबरनेट करता है। गर्मियों में यह तेजी से भोजन इकट्ठा करता है और बिल में स्टोर करता है। यह Least Concern है, लेकिन जलवायु परिवर्तन से आर्कटिक की गर्मी बढ़ने पर हाइबरनेशन पैटर्न प्रभावित हो रहा है।

निष्कर्ष

Arctic Ground Squirrel हमें सिखाता है कि ठंड से लड़ना जरूरी नहीं—कभी-कभी उसके साथ तालमेल बैठाना ही सबसे समझदार रणनीति होती है। जहाँ इंसान गर्म कपड़े और हीटर की तलाश करता है, वहाँ यह छोटा जीव अपने शरीर को ही "फ्रीज़र" बना लेता है—और जीवित रहता है। प्रकृति में अनुकूलन ही सबसे बड़ी ताकत है।

स्रोत: Journal of Comparative Physiology B, University of Alaska Fairbanks, Nature Ecology & Evolution, National Geographic, और हालिया 2025-2026 Arctic ground squirrel hibernation अध्ययन।