सोचिए… एक ऐसा पक्षी जो ऐसे फल खाता है जिनमें प्राकृतिक रूप से अल्कोहल बन चुका होता है! यह Cedar Waxwing की कहानी है
सर्दियों में जब ताज़ा फल और कीड़े कम हो जाते हैं, तो Cedar Waxwing (Bombycilla cedrorum) नाम का सुंदर पक्षी पेड़ों पर बचे हुए जामुनों पर निर्भर हो जाता है। ये जामुन (जैसे सर्विसबेरी, होली, जुनिपर बेरीज़) ठंड और समय के साथ फर्मेंट हो जाते हैं—यानी उनमें यीस्ट की क्रिया से प्राकृतिक अल्कोहल (ethanol) बनने लगता है। और यहीं से शुरू होती है यह अनोखी कहानी।
Cedar Waxwing और फर्मेंटेड फल – क्या होता है?
ये पक्षी उत्तर अमेरिका के जंगलों और बगीचों में पाए जाते हैं। सर्दियों में जब भोजन की कमी होती है, ये बड़े झुंड में फर्मेंटेड जामुन खाते हैं। अल्कोहल की मात्रा 3-5% तक हो सकती है—जो इंसान के लिए कम है, लेकिन छोटे पक्षी के लिए काफी है। नतीजा:
- उड़ान में अस्थिरता (wobbly flight)
- संतुलन बिगड़ना—पेड़ों से गिरना या दीवारों से टकराना
- धीमी प्रतिक्रिया, चक्कर आना
- कभी-कभी जमीन पर लेट जाना या "नशे में धुत्त" जैसा व्यवहार
लोगों ने ऐसे पक्षियों को "drunken waxwings" कहा है। कुछ मामलों में ये पक्षी खिड़कियों से टकराकर घायल भी हो जाते हैं।
अल्कोहल का असर – छोटे शरीर में तेज़
Cedar Waxwing का शरीर छोटा (लगभग 20 ग्राम) और मेटाबॉलिज्म बहुत तेज़ होता है। इसलिए थोड़ी-सी अल्कोहल भी तेज़ी से ब्लड में जाती है और ब्रेन पर असर करती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि:
- अल्कोहल लिवर में जल्दी ब्रेकडाउन नहीं होती—क्योंकि पक्षियों में ADH (alcohol dehydrogenase) एंजाइम कम सक्रिय होता है।
- उच्च मेटाबॉलिक रेट से अल्कोहल जल्दी ब्रेन तक पहुँचती है।
- यह नशा कुछ घंटों तक रहता है, लेकिन ज्यादातर पक्षी अगले दिन ठीक हो जाते हैं।
यह जानबूझकर नहीं—बल्कि मजबूरी है
सर्दियों में ताज़ा भोजन नहीं मिलता। फर्मेंटेड जामुन कैलोरी से भरपूर होते हैं और ऊर्जा देते हैं। पक्षी इन्हें इसलिए नहीं छोड़ सकता क्योंकि:
- भूख से मरने का खतरा ज्यादा है।
- अल्कोहल ऊर्जा का तेज़ स्रोत बन जाता है।
- यह अनुकूलन है—प्रकृति में कई जानवर फर्मेंटेड फल खाते हैं (जैसे बंदर, हाथी भी)।
अन्य पक्षियों में भी ऐसा व्यवहार
यह सिर्फ Cedar Waxwing तक सीमित नहीं:
- Bohemian Waxwing (उत्तरी अमेरिका और यूरोप)
- Silky Flycatcher
- कुछ थ्रश और रोबिन भी फर्मेंटेड बेरीज़ खाकर "नशे" में दिखते हैं।
निष्कर्ष
Cedar Waxwing की कहानी बताती है कि प्रकृति में व्यवहार अक्सर परिस्थितियों से तय होता है। जो बाहर से असामान्य या अजीब लगे, वह अंदर से केवल अनुकूलन हो सकता है। यहाँ कोई रोमांच या जानबूझकर "पीना" नहीं—बस जीवित रहने की कोशिश है। सर्दियों में जब संसाधन कम हों, तो फर्मेंटेड फल भी जीवन रेखा बन जाते हैं। प्रकृति हमें सिखाती है कि कठिन समय में जो उपलब्ध है, वही सबसे कीमती होता है।