Image Credit : Wikipedia
कुछ ज़हर ऐसे होते हैं जो दिखते नहीं, स्वाद नहीं बदलते, और गंध भी नहीं देते— लेकिन फिर भी धीरे-धीरे पूरी दुनिया को बीमार बना रहे हैं।
इन्हें ही कहा जाता है Forever Chemicals।
Forever Chemicals का वैज्ञानिक नाम है PFAS (Per- and Polyfluoroalkyl Substances)।
ये ऐसे synthetic chemicals हैं जिन्हें इंसानों ने बनाया, लेकिन प्रकृति कभी तोड़ नहीं पाती।
इसी वजह से इन्हें “Forever” कहा जाता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि PFAS हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुके हैं:
आप इन्हें देखते नहीं, लेकिन रोज़ इस्तेमाल करते हैं।
PFAS शरीर में एक बार घुस जाएँ, तो सालों तक वहीं रहते हैं।
Research के अनुसार ये:
सबसे खतरनाक बात— इनका असर धीरे-धीरे दिखता है।
दुनिया के कई देशों में drinking water में PFAS पाए जा चुके हैं।
ये chemicals groundwater में पहुँचकर सालों तक वहीं टिके रहते हैं।
Forever Chemicals सिर्फ इंसानों को ही नहीं, पूरे ecosystem को नुकसान पहुँचाते हैं।
एक बार environment में घुसने के बाद, ये वापस नहीं जाते।
यही सबसे डरावना सवाल है।
Nature इन्हें खुद से खत्म नहीं कर सकती। सिर्फ advanced technology और strict regulation ही इनका असर कम कर सकते हैं।
हर इंसान छोटा कदम लेकर बड़ा असर डाल सकता है:
Forever Chemicals हमें याद दिलाते हैं कि हर modern सुविधा सुरक्षित नहीं होती।
जो चीज़ कभी न टूटे, वह हमेशा फायदेमंद नहीं होती।
PFAS एक silent warning हैं—
Forever Chemicals दिखते नहीं, लेकिन उनका असर हर जगह है—
पानी में, हवा में, और हमारे शरीर में।
अगर आज हम सतर्क नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियाँ इस “अदृश्य ज़हर” की कीमत चुकाएँगी।